लिंग के कैंसर के लिए पेनेक्टॉमी सर्जरी

उन्नत कैंसर सर्जरी। व्यक्तिगत देखभाल। बेहतर परिणाम।

लिंग के कैंसर का विशेषज्ञ सर्जिकल इलाज

पेनाइल कैंसर एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है, जिसके लिए समय पर जांच और विशेषज्ञ इलाज आवश्यक होता है। जब कैंसर लिंग (पेनिस) को प्रभावित करता है और उसे अंग-संरक्षण (ऑर्गन-प्रिजर्विंग) तरीकों से प्रभावी रूप से नियंत्रित नहीं किया जा सकता, तब कैंसर को हटाने और उसके फैलाव को रोकने के लिए पेनेक्टॉमी की सलाह दी जा सकती है।

निरामया: अस्पताल में हम पेनाइल कैंसर के लिए संपूर्ण यूरो-ऑन्कोलॉजी देखभाल प्रदान करते हैं, जिसमें पार्टियल पेनेक्टॉमी और टोटल पेनेक्टॉमी जैसी सर्जरी शामिल हैं। हमारी अनुभवी यूरोलॉजिक कैंसर विशेषज्ञ टीम कैंसर को पूरी तरह हटाने, मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करने और लंबे समय तक कैंसर पर नियंत्रण बनाए रखने पर विशेष ध्यान देती है। साथ ही, इलाज की पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीजों को सहानुभूतिपूर्ण और संपूर्ण सहयोग प्रदान किया जाता है।

लिंग का कैंसर क्या है?

पेनाइल कैंसर एक प्रकार का कैंसर है, जो लिंग (पेनिस) के ऊतकों में विकसित होता है। इसका सबसे सामान्य प्रकार स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा है, जो आमतौर पर पेनिस की त्वचा या उसकी अंदरूनी परत से शुरू होता है।

हालांकि पेनाइल कैंसर अपेक्षाकृत दुर्लभ है, लेकिन यदि इसकी जांच और इलाज में देरी हो जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है। समय पर पहचान होने से इलाज की सफलता और मरीज के स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

जब कैंसर शुरुआती अवस्था में और सीमित क्षेत्र में होता है, तब इलाज के दौरान अधिक ऊतकों को सुरक्षित रखा जा सकता है। वहीं, उन्नत मामलों में बीमारी को पूरी तरह हटाने के लिए पेनेक्टॉमी की आवश्यकता पड़ सकती है।

लिंग के कैंसर के लक्षण

आम लक्षणों में ये शामिल हो सकते हैं:

  • लिंग पर कोई उभार या गांठ
  • ऐसा घाव जो ठीक न हो रहा हो
  • लिंग की त्वचा का मोटा होना
  • घाव से खून आना
  • दुर्गंधयुक्त स्राव (डिस्चार्ज)
  • दर्द या बेचैनी
  • त्वचा के रंग में बदलाव
  • लिंग में सूजन
  • जांघ के पास लिम्फ नोड्स का बढ़ना

अगर कोई असामान्य लक्षण लगातार बना रहे, तो तुरंत यूरोलॉजिस्ट से जांच करवानी चाहिए।

लिंग के कैंसर के जोखिम कारक

कई कारक लिंग के कैंसर (पेनाइल कैंसर) का खतरा बढ़ा सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) का संक्रमण
  • धूम्रपान और तंबाकू का सेवन
  • जननांगों की खराब सफाई
  • फिमोसिस (लिंग की ऊपरी त्वचा का बहुत टाइट होना)
  • लंबे समय तक रहने वाली सूजन (क्रोनिक इन्फ्लेमेशन)
  • बढ़ती उम्र
  • कमज़ोर इम्यून सिस्टम

जागरूकता और शुरुआती जांच से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।

यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स एवं गायनेकोलॉजी की आधुनिक चिकित्सा सेवाएं

चाहे आपको सर्जरी की ज़रूरत हो, या फिर गायनेकोलॉजिकल (महिलाओं से जुड़ी), जोड़ों या यूरोलॉजिकल समस्या के लिए सलाह चाहिए हो, पटना में ‘निरामया: अस्पताल‘ एक ही जगह पर विशेषज्ञों की देखरेख में पूरी देखभाल की सुविधा देता है।

पेनेक्टॉमी की सलाह कब दी जाती है?

पेनेक्टॉमी (लिंग हटाने की सर्जरी) की सलाह इन स्थितियों में दी जा सकती है:

  1. इनवेसिव पेनाइल कैंसर: ट्यूमर लिंग के अंदरूनी ऊतकों (tissues) तक फैल गया है और इसे पूरी तरह से सर्जरी करके हटाने की ज़रूरत है।
  2. लिंग पर बड़े ट्यूमर: ट्यूमर का आकार इतना बड़ा है कि अंग को बचाते हुए सफल इलाज करना संभव नहीं है।
  3. बार-बार होने वाला पेनाइल कैंसर: पहले इलाज के बाद कैंसर फिर से हो गया है।
  4. एडवांस्ड लोकल बीमारी: ट्यूमर लिंग के ऊतकों में काफ़ी हद तक फैल गया है।

इसका मकसद हमेशा कैंसर को पूरी तरह से हटाना होता है, साथ ही सुरक्षित रूप से जितना हो सके सामान्य कामकाज को बनाए रखना भी ज़रूरी होता है।

सर्जरी से पहले आवश्यक जांच

इलाज से पहले पूरी तरह से जांच की जाती है।

क्लिनिकल जांच
  • विस्तृत मेडिकल हिस्ट्री
  • शारीरिक जांच
टिश्यू डायग्नोसिस
  • घाव की बायोप्सी
लैबोरेटरी टेस्ट
  • खून की जांच
  • रूटीन हेल्थ चेक-अप
कैंसर की स्टेजिंग
  • लिम्फ नोड की जांच
  • बीमारी के फैलाव का आकलन
इमेजिंग स्टडीज़
  • अल्ट्रासाउंड
  • MRI
  • CT स्कैन
  • PET स्कैन (ज़रूरत पड़ने पर)

अपने पेनाइल कैंसर परामर्श का समय तय करें

यदि आपको पेनाइल कैंसर का निदान हुआ है या ऐसे लक्षण हैं जिनके लिए विशेषज्ञ जांच की आवश्यकता है, तो हमारी विशेषज्ञ टीम आपकी सहायता के लिए तैयार है।

निरामया: अस्पताल में एडवांस्ड कैंसर जांच, विशेषज्ञ सर्जिकल इलाज और संपूर्ण फॉलो-अप देखभाल प्राप्त करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पार्शियल पेनेक्टॉमी में केवल कैंसर वाला हिस्सा हटाया जाता है और जितना हो सके स्वस्थ टिश्यू को बचाकर रखा जाता है। टोटल पेनेक्टॉमी में पूरे लिंग को हटा दिया जाता है, जब कैंसर को पूरी तरह से नियंत्रित करने के लिए ऐसा करना ज़रूरी हो।

हमेशा नहीं। इलाज कैंसर के स्टेज और जगह पर निर्भर करता है। शुरुआती स्टेज के कैंसर का इलाज कभी-कभी कम जटिल प्रक्रियाओं से किया जा सकता है।

यह प्रक्रिया कैंसर वाले टिश्यू को पूरी तरह से हटाने और कैंसर के फैलने के जोखिम को कम करने के लिए की जाती है।

इसका खर्च आम तौर पर ₹1,50,000 से ₹5,00,000 के बीच होता है, जो कैंसर की स्टेज, सर्जरी की जटिलता, जांच, अस्पताल में रहने की अवधि और ज़रूरी अतिरिक्त इलाज पर निर्भर करता है।

मरीज़ों के अनुभव

हमारी गुणवत्तापूर्ण देखभाल और अनुभवी डॉक्टरों के कारण हमारे मरीज़ हमें इलाज के लिए सर्वश्रेष्ठ अस्पताल के रूप में चुनते हैं।

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