टेस्टिकुलर कैंसर के लिए रैडिकल ऑर्किडेक्टॉमी

शुरुआती पहचान। विशेषज्ञ सर्जरी। कैंसर के बेहतर नतीजे।

टेस्टिकुलर कैंसर का एडवांस्ड सर्जिकल इलाज

टेस्टिकुलर कैंसर उन कैंसरों में से एक है, जिनका समय पर पता चलने पर सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। शीघ्र जांच और उचित इलाज से लंबे समय तक अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं तथा पूरी तरह ठीक होने की संभावना भी बहुत अधिक रहती है। रेडिकल ऑर्किडेक्टॉमी टेस्टिकुलर कैंसर की जांच और इलाज के लिए की जाने वाली मानक सर्जरी है, जिसमें प्रभावित अंडकोष (टेस्टिकल) को हटाकर कैंसर के फैलाव को रोका जाता है।

निरामया: अस्पताल में हम संपूर्ण यूरो-ऑन्कोलॉजी देखभाल प्रदान करते हैं, जिसमें रेडिकल इंगुइनल ऑर्किडेक्टॉमी जैसी सर्जरी शामिल है। हमारी अनुभवी यूरोलॉजी और कैंसर विशेषज्ञ टीम सटीक जांच, प्रभावी कैंसर इलाज और रिकवरी के दौरान व्यक्तिगत सहयोग प्रदान करने पर विशेष ध्यान देती है।

टेस्टिकुलर कैंसर क्या है?

टेस्टिकुलर कैंसर तब विकसित होता है, जब अंडकोष (टेस्टिकल) के भीतर असामान्य कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। हालांकि यह अपेक्षाकृत दुर्लभ कैंसर है, लेकिन 15 से 40 वर्ष की आयु के पुरुषों में यह सबसे सामान्य कैंसरों में से एक है।

यदि इसका समय पर पता चल जाए, तो टेस्टिकुलर कैंसर का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है और पूरी तरह ठीक होने की संभावना भी बहुत अधिक होती है। रेडिकल ऑर्किडेक्टॉमी आमतौर पर इसके इलाज का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम होती है।

टेस्टिकुलर कैंसर के लक्षण

सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • अंडकोष (टेस्टिकल) में बिना दर्द की गांठ होना
  • एक अंडकोष का आकार बढ़ जाना
  • अंडकोश (स्क्रोटम) में भारीपन महसूस होना
  •  निचले पेट या जांघ के जोड़ (ग्रोइन) में हल्का दर्द या असुविधा होना
  • अंडकोष में दर्द या असुविधा होना
  • अंडकोश (स्क्रोटम) में तरल पदार्थ जमा होना
  • उन्नत मामलों में पीठ दर्द होना

अंडकोष में किसी भी प्रकार की लगातार सूजन या गांठ दिखाई देने पर तुरंत विशेषज्ञ जांच करानी चाहिए।

टेस्टिकुलर कैंसर के जोखिम कारक

टेस्टिकुलर कैंसर का खतरा बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हैं:

  • अंडकोष का जन्म के समय अपनी सामान्य स्थिति में न उतरना (क्रिप्टॉर्किडिज्म)
  • परिवार में टेस्टिकुलर कैंसर का इतिहास होना
  • पहले टेस्टिकुलर कैंसर हो चुका होना
  • कुछ आनुवंशिक (जेनेटिक) स्थितियां
  • कम आयु (15–40 वर्ष)

नियमित रूप से स्वयं जांच (सेल्फ-एग्जामिनेशन) करने से किसी भी असामान्यता का समय रहते पता लगाने में मदद मिल सकती है।

रेडिकल ऑर्किडेक्टॉमी क्या है?

रेडिकल ऑर्किडेक्टॉमी, जिसे रेडिकल इंगुइनल ऑर्किडेक्टॉमी भी कहा जाता है, टेस्टिकुलर कैंसर के लिए की जाने वाली मानक सर्जरी है। अन्य अंडकोश (स्क्रोटम) सर्जरी के विपरीत, यह सर्जरी जांघ के जोड़ (ग्रोइन) के पास चीरा लगाकर की जाती है, जिससे कैंसर कोशिकाओं के फैलने के जोखिम को कम किया जा सके।

इस सर्जरी में निम्नलिखित को हटाया जाता है:

  • प्रभावित अंडकोष (टेस्टिकल)
  • अंडकोष से जुड़ी स्पर्मेटिक कॉर्ड

सर्जरी के बाद हटाए गए ऊतकों की पैथोलॉजिस्ट द्वारा जांच की जाती है, ताकि कैंसर के सटीक प्रकार और उसकी स्टेज का पता लगाया जा सके।

यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स एवं गायनेकोलॉजी की आधुनिक चिकित्सा सेवाएं

चाहे आपको सर्जरी की ज़रूरत हो, या फिर गायनेकोलॉजिकल (महिलाओं से जुड़ी), जोड़ों या यूरोलॉजिकल समस्या के लिए सलाह चाहिए हो, पटना में ‘निरामया: अस्पताल‘ एक ही जगह पर विशेषज्ञों की देखरेख में पूरी देखभाल की सुविधा देता है।

रेडिकल ऑर्किडेक्टॉमी की सलाह कब दी जाती है?

निम्नलिखित परिस्थितियों में इस सर्जरी की सलाह दी जा सकती है:

टेस्टिकुलर कैंसर की आशंका

जब जांच और इमेजिंग रिपोर्ट में कैंसर की प्रबल संभावना दिखाई दे।

टेस्टिकुलर कैंसर की पुष्टि होना

मुख्य ट्यूमर को हटाने और कैंसर का सटीक निदान प्राप्त करने के लिए।

अंडकोष (टेस्टिकल) में गांठ या असामान्य वृद्धि

अंडकोष में ऐसी संदिग्ध गांठें, जिनका सही निदान सर्जरी के बिना नहीं किया जा सकता।

कैंसर की स्टेज निर्धारित करने और इलाज की योजना बनाने के लिए

पैथोलॉजी रिपोर्ट के परिणाम यह निर्धारित करने में मदद करते हैं कि आगे इलाज की आवश्यकता है या नहीं।

अपने टेस्टिकुलर कैंसर परामर्श का समय तय करें

यदि आपको अंडकोष (टेस्टिकल) में गांठ, सूजन की समस्या है या टेस्टिकुलर कैंसर का निदान हुआ है, तो हमारे विशेषज्ञ सटीक जांच और एडवांस्ड इलाज प्रदान करने के लिए आपकी सहायता कर सकते हैं।

निरामया: अस्पताल में संपूर्ण कैंसर देखभाल, विशेषज्ञ सर्जरी और दीर्घकालिक फॉलो-अप देखभाल प्राप्त करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यह कैंसर की एक खास सर्जरी है जो जनरल या स्पाइनल एनेस्थीसिया देकर की जाती है और इसके लिए आमतौर पर कुछ समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है।

ज़्यादातर मामलों में, सिर्फ़ प्रभावित अंडकोष को ही निकाला जाता है। दोनों अंडकोषों को निकालना आम बात नहीं है और इसकी ज़रूरत सिर्फ़ बहुत कम मामलों में ही पड़ती है।

हाँ। ज़्यादातर पुरुष एक स्वस्थ अंडकोष के साथ सामान्य जीवन जी सकते हैं; कई मामलों में वे अपनी सेक्सुअल क्षमता और प्रजनन क्षमता भी बनाए रख सकते हैं।

सभी तरह के कैंसर में टेस्टिकुलर कैंसर के ठीक होने की दर सबसे ज़्यादा होती है, खासकर तब जब इसका पता जल्दी चल जाए और इलाज शुरू हो जाए।

इसका खर्च आम तौर पर ₹80,000 से ₹2,50,000 के बीच होता है, जो जांच, अस्पताल में रहने, पैथोलॉजी टेस्ट और इलाज की कुल ज़रूरतों पर निर्भर करता है।

मरीज़ों के अनुभव

हमारी गुणवत्तापूर्ण देखभाल और अनुभवी डॉक्टरों के कारण हमारे मरीज़ हमें इलाज के लिए सर्वश्रेष्ठ अस्पताल के रूप में चुनते हैं।

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